भदोही में डॉक्टर नियुक्ति पर बड़ा सवाल: चयन सूची अधूरी क्यों? इंटरव्यू परिणामों ने खड़े किए गंभीर संदेह
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भदोही जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई एमबीबीएस डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया अब खुद सवालों के घेरे में है। 07 जनवरी 2026 को जारी साक्षात्कार परिणामों की सूची ने भदोही में पारदर्शिता, मेरिट और प्रशासनिक मंशा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। चयन सूची में कुछ वर्गों के पद खाली छोड़े जाने से भदोही जिला की स्वास्थ्य व्यवस्था और चयन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
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| भदोही में 07 जनवरी 2026 को जारी डॉक्टर चयन साक्षात्कार परिणाम |
📄 क्या है पूरा मामला? (पूरा बैकग्राउंड)
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, भदोही द्वारा जारी सूची के अनुसार एमबीबीएस चिकित्सकों का चयन चार श्रेणियों—
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UR (सामान्य)
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OBC
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EWS
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SC/ST
में किया गया। सूची में स्पष्ट लिखा है कि चयनित डॉक्टरों को 22 जनवरी 2026 तक योगदान करना होगा।
लेकिन जब इस सूची का गहराई से विश्लेषण किया गया, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
🔍 चयन सूची का श्रेणीवार विश्लेषण
🟦 UR (सामान्य वर्ग)
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केवल 1 चयन: डॉ. अमित कुमार सिंह (Roll No. 19)
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2 पद खाली
👉 सवाल:
क्या सामान्य वर्ग में योग्य उम्मीदवार नहीं थे?
या फिर चयन जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया?
🟨 EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)
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सिर्फ 1 चयन: डॉ. सुमित शुक्ला (Roll No. 24)
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बाकी पद रिक्त
👉 जबकि EWS वर्ग को लेकर सरकार लगातार अवसर बढ़ाने की बात करती है।
🟩 OBC वर्ग
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3 चयन:
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डॉ. साक्षिकांत मौर्य (15)
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डॉ. श्रेयांश मौर्य (17)
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डॉ. मोहम्मद अफजल अंसारी (27)
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👉 यहां चयन पूरा और निरंतर दिखाई देता है।
🟥 SC/ST वर्ग
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3 चयन:
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डॉ. अनिल कुमार (22)
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डॉ. मुकेश कुमार (29)
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डॉ. रामाशरे (03)
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👉 इस श्रेणी में भी चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
❓ सबसे बड़ा सवाल: UR और EWS में पद खाली क्यों?
जब—
✔ साक्षात्कार हुआ
✔ उम्मीदवार मौजूद थे
✔ अन्य श्रेणियों में चयन पूरा हुआ
तो फिर UR और EWS में पद खाली छोड़ने का क्या कारण है?
क्या—
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मेरिट की अनदेखी हुई?
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चयन पहले से तय था?
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या फिर बाद में “समायोजन” की कोई तैयारी है?
🏥 भदोही की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा असर
भदोही पहले से ही डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है।
ग्रामीण इलाकों में—
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एक डॉक्टर पर हजारों मरीज
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रेफरल की मजबूरी
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जिला अस्पताल पर अत्यधिक दबाव
ऐसे में चयन प्रक्रिया का अधूरा होना भदोही जिला की जनता के स्वास्थ्य अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
⚠️ प्रशासन की भूमिका और जवाबदेही
सूची के अंत में केवल इतना लिखा है कि चयनित डॉक्टर 22 जनवरी तक योगदान करें।
लेकिन—
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खाली पदों पर कोई स्पष्टीकरण नहीं
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चयन मानदंड सार्वजनिक नहीं
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मेरिट लिस्ट जारी नहीं
👉 यह स्थिति भदोही News में प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।
📢 जनहित में उठते सवाल
भदोही की जनता जानना चाहती है—
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जब डॉक्टर उपलब्ध हैं, तो नियुक्ति क्यों नहीं?
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क्या स्वास्थ्य विभाग भी सिफारिश और प्रबंधन का शिकार हो गया है?
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रिक्त पदों पर दोबारा चयन होगा या नहीं?
🔚 निष्कर्ष: सिर्फ सूची नहीं, सिस्टम की परीक्षा
यह मामला केवल एक चयन सूची का नहीं, बल्कि भदोही की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की परीक्षा है।
यदि समय रहते जवाबदेही तय नहीं हुई, तो इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ेगा।
👉 अब जरूरत है कि—
-
मुख्य चिकित्साधिकारी स्पष्ट स्थिति रखें
-
चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी सार्वजनिक हो
-
रिक्त पदों पर तत्काल कार्रवाई हो
🗣️ आपकी राय जरूरी है
आपके अनुसार यह प्रशासनिक लापरवाही है या सुनियोजित चयन?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताएं और इस Bhadohi News को शेयर करें, ताकि सच सामने आ सके।
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