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Bhadohi News: भदोही में प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता पर हमला? वायरल वीडियो के बाद सियासत गरम

 क्या लोकतंत्र में विरोध का अधिकार अब हिंसा में बदलता जा रहा है? क्या प्रदर्शन के नाम पर किसी नेता पर हमला, गाड़ी में तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़ना स्वीकार किया जा सकता है? भदोही से सामने आई एक घटना ने कानून-व्यवस्था और राजनीतिक मर्यादा दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर उस दिन हुआ क्या? आइए समझते हैं पूरी कहानी…  उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर स्थित काशी नरेश विश्वविद्यालय के पास शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेता विनय पांडे 'गोरेलाल' के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की होने, उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने और वाहन पर लगा भाजपा का झंडा हटाकर फेंकने के आरोप सामने आए हैं। इतना ही नहीं, आरोप यह भी लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर फाड़े गए तथा प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की गईं। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच...

भदोही में ठंड से राहत की पहल — भाजपा नेता मुनेश्वर गुप्ता ने दिखाया उदाहरण, अब बाकी जनप्रतिनिधियों और उद्योगपतियों के आगे आने का समय

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 भदोही। सागररायपुर में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम ने न सिर्फ असहायों को राहत दी बल्कि यह भी दिखाया कि अगर नीयत साफ हो और प्रयास सच्चे हों – तो एक छोटा सा कार्य भी समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक गर्माहट पहुँचा सकता है। पाली मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा के निवास पर भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य मुनेश्वर गुप्ता द्वारा गरीब, दलित, वंचित और वनवासी समाज के लोगों को कंबल वितरित किए गए, जिससे ठंड के मौसम में उन्हें तुरंत राहत मिली। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार उपस्थित रहे। कंबल पाकर वृद्ध महिलाओं, असहाय पुरुषों और छोटे बच्चों के चेहरों पर जो सुकून और सम्मान दिखाई दिया – उसने इस आयोजन को सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता का उत्सव बना दिया। एक छोटा प्रयास – बड़ी उम्मीद 🕯️ एक छोटा प्रयास – बड़ी उम्मीद मुनेश्वर गुप्ता ने कहा — “समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा ही असली राष्ट्रसेवा है।” और यह बात भदोही की वास्तविकताओं से मेल भी खाती है — क्योंकि यह जिला, भले ही विश्व का कालीन निर्यात केंद्र कहलाए, लेकिन गाँव–देहात में अब...

Bhadohi Breaking News — मदरसा भर्तियों में फर्जीवाड़ा, अब सवाल नेताओं और अफसरों पर

  ज्ञानपुर (भदोही): भदोही के मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म, पीरखांपुर में शिक्षक की नियुक्ति फर्जी पाए जाने के बाद जिले की शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सिस्टम की पोल खुलती नजर आ रही है। जांच में सामने आया है कि एक शिक्षक ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल की और 2018 से सरकारी वेतन भी उठाता रहा । सवाल यह है कि — 👉 इतने सालों तक यह खेल कैसे चलता रहा? 👉 किसकी शह पर फर्जी शिक्षक सरकारी खजाने से तनख्वाह लेता रहा? 👉 बिना राजनीतिक संरक्षण के क्या इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव है? 🔴 भर्तियों पर उठते बड़े सवाल जांच में यह भी सामने आया है कि — ➡ इसी मदरसे के 10 अन्य शिक्षक और 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दस्तावेज भी संदेह के घेरे में हैं। ➡ अल्पसंख्यक विभाग ने वेतन वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ➡ कई वर्षों से बिना पारदर्शिता के भर्तियां होती रहीं। लेकिन असल सवाल यह है — भदोही में अयोग्य नेताओं और कमजोर अफसरों पर अंकुश क्यों नहीं? क्या राजनीतिक दबाव के कारण ऐसे फर्जीवाड़े सालों तक दबे रहते हैं? 🧨 शिक्षा नहीं, भ्रष्टाचार का अड्डा बनते संस्थान? जहां ब...

Bhadohi Breaking News — स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल |

  ज्ञानपुर/औराई | भदोही औराई के त्रिलोकपुर नहरा स्थित गुप्ता क्लीनिक में नवजात की मौत ने एक बार फिर भदोही की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। सवाल सिर्फ एक नहीं—बहुत गहरे हैं, और अब जनता भी यही पूछ रही है: 👉 आख़िर भदोही की जनता कब तक लापरवाह डॉक्टरों और भ्रष्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का खामियाज़ा भुगतेगी? 👉 एक ही अस्पताल को 2 महीने में दोबारा लाइसेंस कैसे मिल गया? 👉 हर जांच के बाद कार्रवाई का ढिंढोरा क्यों, और फिर वही अस्पताल नए नाम से चालू कैसे हो जाता है? 👉 क्या भदोही के नेताओं और विभागीय अधिकारियों की चुप्पी इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं दे रही? 🔴 लापरवाही की चौथी घटना — फिर भी लाइसेंस जारी! गुप्ता क्लीनिक में नवजात की मौत कोई पहली घटना नहीं है। 🔹 इससे पहले दो नवजातों की मौत 🔹 दो माह पहले एक महिला की मौत 🔹 तब क्लीनिक को सीज किया गया, मुकदमा दर्ज हुआ फिर भी… वही अस्पताल नए नाम से नया लाइसेंस लेकर दोबारा चालू हो गया। लोगों का सवाल बिल्कुल वाजिब है— "जब बार-बार मौत हो रही है तो लाइसेंस कौन जारी कर रहा है? किसकी मिलिभगत है?" ❗ स्वा...