Bhadohi Breaking News — मदरसा भर्तियों में फर्जीवाड़ा, अब सवाल नेताओं और अफसरों पर
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ज्ञानपुर (भदोही):
भदोही के मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म, पीरखांपुर में शिक्षक की नियुक्ति फर्जी पाए जाने के बाद जिले की शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सिस्टम की पोल खुलती नजर आ रही है।
जांच में सामने आया है कि एक शिक्षक ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल की और 2018 से सरकारी वेतन भी उठाता रहा। सवाल यह है कि —
👉 इतने सालों तक यह खेल कैसे चलता रहा?
👉 किसकी शह पर फर्जी शिक्षक सरकारी खजाने से तनख्वाह लेता रहा?
👉 बिना राजनीतिक संरक्षण के क्या इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव है?
🔴 भर्तियों पर उठते बड़े सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि —
➡ इसी मदरसे के 10 अन्य शिक्षक और 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दस्तावेज भी संदेह के घेरे में हैं।
➡ अल्पसंख्यक विभाग ने वेतन वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
➡ कई वर्षों से बिना पारदर्शिता के भर्तियां होती रहीं।
लेकिन असल सवाल यह है —
भदोही में अयोग्य नेताओं और कमजोर अफसरों पर अंकुश क्यों नहीं?
क्या राजनीतिक दबाव के कारण ऐसे फर्जीवाड़े सालों तक दबे रहते हैं?
🧨 शिक्षा नहीं, भ्रष्टाचार का अड्डा बनते संस्थान?
जहां बच्चों का भविष्य बनना चाहिए, वहां सरकारी पैसों की खुली लूट हो रही है।
और जिम्मेदार?
वही चुप—वही सुरक्षित—वही मज़बूत!
❓ जनता के सवाल — जवाब कौन देगा?
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इतने सालों तक फर्जी नियुक्ति पर किसी अधिकारी की नजर क्यों नहीं पड़ी?
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क्या दोषी सिर्फ शिक्षक हैं या उन्हें संरक्षण देने वाले भी?
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भदोही की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
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क्या योग्य और ईमानदार अधिकारियों पर जानबूझकर अंकुश लगाया जा रहा है?
💬 आप क्या सोचते हैं?
क्या भदोही में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हो चुकी हैं?
कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें।
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